Cart is empty

Vaasnaayein

Vaasnaayein

Author : Shubham Gupta

Book Cost

249

Short Description

वासनाएँ कविता-संग्रह, पूर्व प्रकाशित कविता-संग्रह धुंधला अतीत की ही आगे बढ़ती हुई धारा है। इन कविताओं में लेखक के निजी जीवन और समाज के बीच का द्वंद्व, और उनसे अलग होने की एक मौन कोशिश स्पष्ट झलकती है। लंबे समय तक मुंबई की भाग-दौड़ भरी दुनिया में रहने के बाद, वह अचानक अपनी नौकरी से इस्तीफ़ा देकर खेतों, जंगलों और अपने घर की ओर लौट आता है।

Share this Book

WhatsApp
Facebook
Twitter

249

Quality Products

7 Days Return Policy

Usually Ships in 2 Days

Apply Coupon at Checkout

Page Count

193

Book Type

Paperback

ISBN

9789364022590

Mrp

249

Genre

Poetry

Language

Hindi

About the Book

वासनाएँ कविता-संग्रह, पूर्व प्रकाशित कविता-संग्रह धुंधला अतीत की ही आगे बढ़ती हुई धारा है। इन कविताओं में लेखक के निजी जीवन और समाज के बीच का द्वंद्व, और उनसे अलग होने की एक मौन कोशिश स्पष्ट झलकती है। लंबे समय तक मुंबई की भाग-दौड़ भरी दुनिया में रहने के बाद, वह अचानक अपनी नौकरी से इस्तीफ़ा देकर खेतों, जंगलों और अपने घर की ओर लौट आता है। मन में पहले से पल रहीं कुछ वासनाएँ ही उसे इस कविता-संग्रह को रचने के लिए विवश करती हैं। साथ ही, आने वाला जीवन-जिसकी तलाश में वह स्वयं निकला है – इन कविताओं में धीरे-धीरे आकार लेता है। आशा है कि यह कविता-संग्रह पाठक को कुछ क्षण ठहरने पर मजबूर करेगा और उसके भीतर कुछ अनकहे प्रश्न जगा देगा।

About the Author

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत ज़िले के बिलबुझिया गाँव में जन्मे शुभम ने जीवन को कभी एक ठिकाने में नहीं बाँधा। कुछ वर्ष मुंबई में बिताए, और अब यात्रा ही उनका पता है। यह उनका दूसरा कविता-संग्रह है; पहला धुंधला अतीत पाठकों के बीच गूंज छोड़ गया। लेखन और निर्देशन उनके लिए केवल कला नहीं, बल्कि ईश्वर और इस विराट अस्तित्व के साक्षात्कार के उपकरण हैं—जिन्हें उन्होंने अपनी अनुभूति से गढ़ा है। संपर्क iiamshubhamgupta(इंस्ट्राग्राम) anaghachalchitra.2024@gmail.com

Recommended Books

Explore our bestselling catalog, featuring a wide array of novels, poetry, and more—each piece a journey through compelling stories and evocative words.

Shopping Basket