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तेरे हाथ की मिट्टी

अनिल आर्यन 'अक्ष'

तेरे हाथ की मिट्टी अनिल आर्यन ‘अक्ष’ का संवेदनाओं से भरा काव्य-संग्रह है, जिसमें प्रेम, विरह, सामाजिक विडंबनाएँ, माता-पिता का सम्मान, आस्था और आत्ममंथन जैसे विषयों को गहराई से उकेरा गया है। कवि ने अपनी कविताओं में आम इंसान के दर्द, संघर्ष और उम्मीद को शब्द दिए हैं। कहीं प्रेम की कोमलता है तो कहीं व्यवस्था पर तीखा प्रश्न, कहीं यादों की नमी है तो कहीं आत्मसम्मान की आग। सरल भाषा और प्रभावशाली भावों के माध्यम से यह संग्रह पाठक के हृदय को छूता है और उसे सोचने पर मजबूर करता है। यह केवल कविताओं का संकलन नहीं, बल्कि जीवन का सजीव अनुभव है।
 
 
 

लेखक परिचय

तेरे हाथ की मिट्टी अनिल आर्यन ‘अक्ष’ का संवेदनाओं से भरा काव्य-संग्रह है, जिसमें प्रेम, विरह, सामाजिक विडंबनाएँ, माता-पिता का सम्मान, आस्था और आत्ममंथन जैसे विषयों को गहराई से उकेरा गया है। कवि ने अपनी कविताओं में आम इंसान के दर्द, संघर्ष और उम्मीद को शब्द दिए हैं। कहीं प्रेम की कोमलता है तो कहीं व्यवस्था पर तीखा प्रश्न, कहीं यादों की नमी है तो कहीं आत्मसम्मान की आग। सरल भाषा और प्रभावशाली भावों के माध्यम से यह संग्रह पाठक के हृदय को छूता है और उसे सोचने पर मजबूर करता है। यह केवल कविताओं का संकलन नहीं, बल्कि जीवन का सजीव अनुभव है।

पुस्तक के बारे में

तेरे हाथ की मिट्टी अनिल आर्यन ‘अक्ष’ का संवेदनाओं से भरा काव्य-संग्रह है, जिसमें प्रेम, विरह, सामाजिक विडंबनाएँ, माता-पिता का सम्मान, आस्था और आत्ममंथन जैसे विषयों को गहराई से उकेरा गया है। कवि ने अपनी कविताओं में आम इंसान के दर्द, संघर्ष और उम्मीद को शब्द दिए हैं। कहीं प्रेम की कोमलता है तो कहीं व्यवस्था पर तीखा प्रश्न, कहीं यादों की नमी है तो कहीं आत्मसम्मान की आग। सरल भाषा और प्रभावशाली भावों के माध्यम से यह संग्रह पाठक के हृदय को छूता है और उसे सोचने पर मजबूर करता है। यह केवल कविताओं का संकलन नहीं, बल्कि जीवन का सजीव अनुभव है।
 
 
 

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