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एक अँजुरी धूप

राकेश कुमार भंडारी

पुस्तक एक अंजुरी धूप लेखक राकेश कुमार भंडारी द्वारा लिखित एक भावपूर्ण हिंदी काव्य संग्रह है। इसमें कुल 108 कविताएँ शामिल हैं, जो जीवन के विविध पहलुओं को छूती हैं: प्रेम, विरह, बचपन की स्मृतियाँ, समाज और राजनीति पर व्यंग्य, आत्मचिंतन और आध्यात्मिकता तक। इस संग्रह की कविताएँ कहीं कोमल भावनाओं से सराबोर हैं, तो कहीं समाज की विसंगतियों पर तीखा प्रहार करती हैं। उदाहरण के लिए, “मृत्युंजय” और “सत्ता” जैसी रचनाएँ शौर्य और राजनीतिक व्यंग्य को दर्शाती हैं, वहीं “पिघलता नमकीन हीरा” और “कुछ तुम गुलमोहर” जैसी कविताएँ प्रेम और विरह की भावनाओं को संवेदनशीलता से प्रस्तुत करती हैं। 

लेखक परिचय

राकेश कुमार भंडारी मूलतः राजस्थान के राजसमंद जिले के देवगढ़ कस्बे से हैं और वर्तमान में मुंबई में निवास करते हैं। वे एक संवेदनशील और सृजनशील कवि हैं जिन्हें राजस्थान साहित्य अकादमी द्वारा नवोदित कवि प्रथम पुरस्कार “चंद्रदेव शर्मा अवार्ड” से सम्मानित किया गया है। उनकी रचनाएँ समय-समय पर विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रहती हैं। राकेश ने आकाशवाणी उदयपुर के युववाणी कार्यक्रम में कविता पाठ किया है और मुंबई के कई प्रतिष्ठित ओपन माइक आयोजनों में भी सक्रिय भागीदारी निभाई है। उनकी कविताओं के कुछ वीडियो “Life Josh Karma” यूट्यूब चैनल पर भी उपलब्ध हैं। पेशे से वे एक बहुराष्ट्रीय बीमा कंपनी में हेड ऑफ ट्रेनिंग के पद पर कार्यरत हैं। साहित्य के साथ-साथ उन्हें खेलों, विशेष रूप से मैराथन दौड़ में गहरी रुचि है। राकेश का मानना है कि लेखन और दौड़ दोनों आत्म-अनुशासन और आत्म-अन्वेषण के साधन हैं।

पुस्तक के बारे में

पुस्तक एक अंजुरी धूप लेखक राकेश कुमार भंडारी द्वारा लिखित एक भावपूर्ण हिंदी काव्य संग्रह है। इसमें कुल 108 कविताएँ शामिल हैं, जो जीवन के विविध पहलुओं को छूती हैं: प्रेम, विरह, बचपन की स्मृतियाँ, समाज और राजनीति पर व्यंग्य, आत्मचिंतन और आध्यात्मिकता तक। इस संग्रह की कविताएँ कहीं कोमल भावनाओं से सराबोर हैं, तो कहीं समाज की विसंगतियों पर तीखा प्रहार करती हैं। उदाहरण के लिए, “मृत्युंजय” और “सत्ता” जैसी रचनाएँ शौर्य और राजनीतिक व्यंग्य को दर्शाती हैं, वहीं “पिघलता नमकीन हीरा” और “कुछ तुम गुलमोहर” जैसी कविताएँ प्रेम और विरह की भावनाओं को संवेदनशीलता से प्रस्तुत करती हैं। कवि ने अपनी साधारण लेकिन प्रभावशाली भाषा शैली से पाठकों के मन में गहराई तक पहुँचने की कोशिश की है। पुस्तक में सामाजिक सरोकारों, मानवीय संवेदनाओं और व्यक्तिगत अनुभवों का ऐसा ताना-बाना बुना गया है, जो हर उम्र के पाठक को कुछ न कुछ सोचने और महसूस करने पर विवश करता है। कुल मिलाकर, एक अंजुरी धूप केवल कविता संग्रह नहीं, बल्कि जीवन के हर रंग और रूप की सजीव अभिव्यक्ति है, जो पाठक को आत्ममंथन और नई ऊर्जा के साथ जोड़ती है।
 

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