Bhawnayein Behti Hain: Roke Nahi, Sahi Disha De

Category

Author: Manju Mohil

Book Cost

254

प्रत्येक मानव का भावनात्मक आचरण सामाजिक विसंगतियों से जूझने तथा आवेग और प्रतिक्रियाओं को निरस्त्र करने में भी सहायक सिद्ध होता है । कवयित्री की यह कृति बहुत ही सकारात्मक संदेश दे रही है। इस कृति की अनेकों रचनाएं परिवार और समाज में सदभाव को बढ़ावा देने में निश्चय ही सहायक सिद्ध होगी। ---: डॉ रीता सक्सेना (वरिष्ठ लेखिका)

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Page Count

169

Book Type

Paperback

ISBN

9788196743659

Mrp

299

Genre

Poetry

Language

Hindi

About the Book

यह पुस्तक ……
प्रत्येक मानव का भावनात्मक आचरण सामाजिक विसंगतियों से जूझने तथा आवेग और प्रतिक्रियाओं को निरस्त्र करने में भी सहायक सिद्ध होता है । कवयित्री की यह कृति बहुत ही सकारात्मक संदेश दे रही है। इस कृति की अनेकों रचनाएं परिवार और समाज में सदभाव को बढ़ावा देने में निश्चय ही सहायक सिद्ध होगी। —: डॉ रीता सक्सेना (वरिष्ठ लेखिका)

मंजू जी का यह प्रथम संग्रह कच्चे दूध की सुवास वाला है ।ये प्राकृतिकता इस सँग्रह की विशेषता है मंजू जी एक परामर्शक भी है तो उनका अनुभव इन रचनाओं में भी परिलक्षित होता है। बिम्ब, प्रतीक शैली की सहजता के कारण यह संग्रह मोटिवेशनल रचना संसार लेकर पाठक के सामने आता है..जो निरन्तर सीखने और सतत आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है.. —: मोनिका गौड़ (साहित्यकार व समालोचक)

यह बीज रोपित होते हैं अपने आसपास के वातावरण को देखकर… मंजू की कविताएं उनके मन के भाव है जो प्रकृति से प्रेरित है और जीवन के हर पहलु को वो गहराई से देखती और महसूस करती है। यही वजह भी है की उनके लेखन की कोई एक विधा नहीं है और वो जीवन के हर पहलु पर सरलता से लिखती हैं. जैसे कभी ज़िंदगी की पशोपेश पर, तो कभी कुदरत की अद्भुत खूबसूरती पर, तो कभी प्रेम पर तो कभी विरह पर, कभी रिश्तों पर । —-: अंशु हर्ष (सम्पादक व पब्लिशर)

कहीं कहीं ऐसा लगता है कोई कोई कविता हम सबके मन की बात कहती है, यही कविता की सार्थकता है।इतने श्रेष्ठ सुंदर भावनाओं के शब्द पुष्प गुच्छों की सुगंध को ढेर सारा आशीर्वाद।। —-: कुलभूषण दीप (ब्लड मैन व समाजसेवी)

About the Author

लेखिका मंजू मोहिल को बचपन से ही किताबें पढ़ने में रुचि रही है और इनका प्रिय शब्द है: सीखना। इस शब्द से जुड़कर जीवन को जीती आ रही मंजू मोहिल ने शैक्षणिक योग्यताओं से बंधने की बजाय मानसिक आजादी व जागरूकता के साथ जीवन में रचनात्मकता को ख़ोजना सदैव सर्वोपरि रखा। आपका मानना है कि परिवर्तनशील जीवन में कुछ स्थाई है तो वो है हमारे जीवन-मूल्य। लेखन उद्देश्य: विचारशील शब्दों के माध्यम से स्वंय में व सभी के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन व खुशियों का सृजन। प्रकाशन: 5 सह संकलन व सोशल मीडिया मंचो पर रचनाओं द्वारा सशक्त उपस्थिति व विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में लेख व कविताओं का प्रकाशन। भावनाएं बहती है… रोकें नहीं, सही दिशा दें… इनकी पहली पुस्तक है। संप्रति: लेखिका व सलाहकार एवं एनएलपी प्रैक्टिशनर। जनकल्याण की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं में सक्रिय व आजीवन सदस्यता। manjumohil11@gmail.com
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