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Bin Par Parinde

Bin Par Parinde

Author: Mitthu Ram Mandal

Book Cost

Original price was: ₹249.Current price is: ₹199.

Short Description

इस संग्रह में विभिन्न विषयों पर 82 कविताएँ हैं। बेशक, यह मिट्ठू राम “मंडल” का पहला कविता संग्रह है। लेकिन इस संग्रह की सभी कविताओं में गहन विचार और परिपक्वता है ।

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Original price was: ₹249.Current price is: ₹199.

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Page Count

120

Book Type

Paperback

ISBN

978-93-6402-058-9

Mrp

249

Genre

Poetry

Language

Hindi

About the Book

इस संग्रह में विभिन्न विषयों पर 82 कविताएँ हैं। बेशक, यह मिट्ठू राम “मंडल” का पहला कविता संग्रह है। लेकिन इस संग्रह की सभी कविताओं में गहन विचार और परिपक्वता है । इस संग्रह की कविताओं में जहां सुखद बदलाव की उम्मीद है, वहीं जाति, धर्म, लिंग, भाषा और क्षेत्र के आधार पर भेदभाव की शिकायत भी है। कई रचनाओं में कवि ने मानव के नैतिक पतन पर चिंता व्यक्त की है। कुछ रचनाओं में कवि समाज के टूटते ताने-बाने से व्यथित है। संग्रह की “ज़हर” शीर्षक कविता में कवि जातिवाद को विष से भी अधिक खतरनाक मानते हैं। एक अन्य कविता में बुद्ध को शांति, समानता, भाईचारे के स्रोत, तर्कसंगतता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का प्रतीक बताया गया है। ‘बाबा साहब’ शीर्षक कविता में कवि का मानना है कि वह और उसके जैसे असंख्य अभावग्रस्त लोग, अंतिम पायदान पर गुजर-बसर करने वाले लोगों के जीवन में शिक्षा-दीक्षा व आगे बढ़ने के अवसर आए हैं तो बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए संवैधानिक अधिकारों की बदौलत ही आए हैं। इस रचना में कवि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करते हैं।

About the Author

मिट्ठू राम ‘मंडल’ एक सफल, समर्पित और प्रेरणादायी शिक्षक होने के साथ-साथ एक चिंतक, अभिप्रेरक और लेखन कार्य में रुचि रखते हैं। शिक्षा उनके लिए अध्ययन या अध्यापन तक सीमित नही है बल्कि व्यक्तित्व और समाज निर्माण का सशक्त माध्यम है। वे शुरू से अपने कार्य क्षेत्र में पूर्ण निष्ठा और लगन के साथ अपना योगदान दे रहे हैं। इन्होंने अब तक सैकड़ों छात्रों व अन्य लोगों के जीवन में प्रेरणा और जोश भरकर नयी बुलंदियों तक पहुंचने में मदद की है। इनके अनेकों छात्र आज देश- विदेश में विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत हैं। इनकी संवाद शैली सहज, संवेदनशील और प्रभाव शाली है। वे केवल ज्ञान का संप्रेषण ही नहीं करते बल्कि पाठकों के मन में आत्मविश्वास, धैर्य और उदेश्य बोध का संचार भी करते हैं। पठन-पाठन और जीवन के अनुभवों ने उनको यह काव्य संग्रह ‘बिन पर परिंदे’ लिखने के लिए प्रेरित किया।

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