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Diary Nikita Ki

Diary Nikita Ki

Author: Muskan Kumari

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Original price was: ₹199.Current price is: ₹189.

Short Description

महिलाओं की सच्ची स्वतंत्रता तभी होगी जब वे बिना भय के रात में घूम सकेंगी। समाज की सोच बदले और हर स्त्री आत्मनिर्भर, सशक्त, और निडर बने।

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Original price was: ₹199.Current price is: ₹189.

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Page Count

59

Book Type

Paperback

ISBN

978-93-6402-024-4

Mrp

199

Genre

Poetry

Language

Hindi

About the Book

भारत को स्वतंत्र हुए 78 वर्ष हो गए, लेकिन महिलाएँ कब स्वतंत्र होंगी? मैं तभी खुद को स्वतंत्र मानूँगी जब महिलाएँ रात में बेखौफ घूम सकेंगी। रेप केस में न्याय की धीमी गति और पीड़ित पर दोषारोपण शर्मनाक है। बच्चियों और बुजुर्ग महिलाओं के साथ हुए अपराध कपड़ों का तर्क झुठलाते हैं। हमारे नेता धर्म और राजनीति में उलझे हैं, पर महिलाओं की सुरक्षा पर चुप हैं। समाज महिलाओं को चरित्र परखता है, पर अपराधियों पर सख्ती नहीं दिखाता। सच्ची स्वतंत्रता तब होगी जब हर स्त्री आत्मनिर्भर, सशक्त और निडर होगी। स्त्री श्रृंगार भी जानती है, संहार भी।

About the Author

नाम :- मुस्कान कुमारी जन्म :- 31 मार्च 2003, जमशेदपुर, झारखण्ड रचनाएँ :- “ख्वाबों की दस्तक” तथा “कविता के रंग भाग–२” में साझा संकलन शिक्षा :- जी.ई.एल.चर्च प्राथमिक विद्यालय से प्रारम्भिक से पाँचवी तक की पढ़ाई। मानिक होमी उच्च विद्यालय से छठी से दसवीं तक की पढ़ाई। जमशेदपुर वर्कर्स कॉलेज से इंटर की पढ़ाई। वर्तमान में कोल्हान विश्वविद्यालय से बी. एस सी. जूलॉजी (जारी) की छात्रा। शौक :- हिन्दी साहित्य के कथासम्राट “मुन्शी प्रेमचन्द” की कहानियाँ पढ़ना। “मैं सिर्फ़ कविताएँ नहीं स्वयं को लिखती हूँ।” संपर्क विवरण :- ई-मेल :- poeticworld32@gmail.com इंस्टाग्राम आईडी :- @poeticworld32

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