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Prakriti Humse Kuch Kehti Hai

Prakriti Humse Kuch Kehti Hai

Author: Madhulika Sinha

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Original price was: ₹249.Current price is: ₹199.

Short Description

प्रकृति हमारी जीवनदाता है, जिसका सौंदर्य, शक्ति और रहस्य सदियों से कवियों को प्रेरित करते आए हैं। मेरी लघुकविता संग्रह "प्रकृति हमसे कुछ कहती है" में न केवल प्राकृतिक सौंदर्य बल्कि उसके प्रत्येक तत्व की भावनाएँ भी उकेरी गई हैं। यह संग्रह प्रकृति संरक्षण का संदेश भी देता है। वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. रूप देवगुण जी की प्रेरणा से यह प्रयास संभव हुआ, जिसके लिए मैं हृदय से आभारी हूँ।

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Page Count

112

Book Type

Paperback

ISBN

978-9364020428

Mrp

249

Genre

Poetry

Language

Hindi

About the Book

यदि कहूँ प्रकृति हमारी जीवनदाता है तो अतिशयोक्ति न होगी। सदियों से कवियों ने प्रकृति के सौंदर्य, शक्ति और रहस्यों को अपनी कविताओं में बयां किया है। मैं भी उससे अछूती न रह सकी। प्रकृति पर आधारित मेरी लघुकविता संग्रह “प्रकृति हमसे कुछ कहती है” में न केवल प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन है, बल्कि जंगल, पहाड़, नदियाँ सहित उसके ठूंठ, कंकर-पत्थरों की भावनाओं को भी उकेरने की कोशिश की गई है। जैसे ये सब गुपचुप आकर मेरे कानों में गुनगुना जाती हैं, अपना मर्म बता देती हैं, और मैं उसे शब्दों में पिरो देती हूँ। मैं हमेशा से मानती आई हूँ कि प्रकृति जितनी सुंदर है उतनी भयावह भी है, लेकिन प्रयास यही है कि उसकी भयानकता को भी सुंदरता में बदल सकूँ। ये भी उम्मीद करती हूँ कि मेरी कविताएँ प्रकृति के संरक्षण की ओर भी पाठकों का ध्यान आकर्षित करेगी। मेरे इस प्रयास में हरियाणा के वरिष्ठ कवि और साहित्यकार आदरणीय प्रो. रूप देवगुण जी की प्रेरणा और मार्गदर्शन मिला। मैं तहेदिल से उनकी आभारी हूँ। मैं उम्मीद करती हूँ मेरी यह लघुकविता संग्रह पाठकों को पसंद आएगी।

About the Author

नाम – श्रीमती मधुलिका सिन्हा पिता – श्री(स्व.) ललिता प्रसाद माता – श्रीमती (स्व.) लक्ष्मिणी देवी पति – श्री (स्व.) विनय कुमार सिन्हा जन्म स्थान – राँची (झारखंड) संप्रति – गुरुग्राम (हरियाणा) जन्म तिथि – 6 अक्टूबर 1958 शिक्षा – एम.एससी – मानवविज्ञान,           – एल.एल.बी ,राँची विश्वविद्यालय कार्य – 1977 से 1989 स्थानीय और राष्ट्रीय पत्र – पत्रिकाओं में लेख, परिचर्चा, कहानी और कविताएँ नियमित प्रकाशित आकाशवाणी राँची से आलेख, कहानियाँ प्रसारित। 1982 से आकाशवाणी राँची में कैजुअल अनाउंसर कई वर्षों तक लेखन से दूरी 2019 से लेखन की पुनः शुरुआत प्रकाशन – ग्यारह पुस्तकों में लेखन सहभागिता।एक लघुकथा संग्रह और एक कविता संग्रह प्रकाशन प्रक्रिया में। सम्मान – यशपाल साहित्य सम्मान विजेंद्र जैमिनी अकादमी से हिंदी के प्रमुख लघुकथाकार (ई-लघुकथा संकलन) के लिए पश्चिम बंगाल रत्न सम्मान प्रतिलिपि के मंच पर गद्य और पद्य दोनों विधाओं में कई पुरस्कार नारी अस्मिता त्रैमासिक पत्रिका के अखिल भारतीय विमल स्मृति कहानी प्रतियोगिता में पुरस्कृत और वडोदरा (गुजरात) में सम्मानित संपर्क – ईमेल – madhulika.sinha735@gmail.com

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