Sale!

Ramraso

109

By: Chawanddan Dewal

स्व. श्री चावण्डदानजी देवल के हस्तकमलों  से लिखित यह रामरासो उनके व्यक्तिगत सरल हृदयगत भावनाओं व अपने राम की असीम झांकी की सुंदर तस्वीर पेश करता है।

Purchase this book and get 10 Points -  worth 5
Categories: , ,

Description

रामरासो एक जीवंत वाणी है जो व्यक्ति के सहज अनुभवों को अपने राम रूपी अलौकिक ईश्वर के गुण,रूप ,शौर्य व महानता का कण-कण बिम्ब प्रवाहित करता है।मेरा सौभाग्य रहा कि इस कृति को लिपित करने व इसकी मूलता का प्रमाण आपके सामने रखने का अवसर मिला । स्व. श्री चावण्डदानजी देवल के हस्तकमलों  से लिखित यह रामरासो उनके व्यक्तिगत सरल हृदयगत भावनाओं व अपने राम की असीम झांकी की सुंदर तस्वीर पेश करता है।रामरासो को अगर एक पंक्ति में कहा जाये तो यही कह सकते है कि”ये विचार है चावंड की उच्च सोच का जिसमें राम का अक्स छुपा बैठा है”।

Additional information

Weight 0.20 kg

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Ramraso”

Your email address will not be published. Required fields are marked *