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Rang Zindagi Ke

Rang Zindagi Ke

Author: Niraj Umesh Pandey

Book Cost

Original price was: ₹229.Current price is: ₹199.

Short Description

इस पुस्तक में जीवन के विभिन्न पहलुओं के बारे में बताया गया है जो काव्य की विभिन्न शैलियों जैसे वीर, हास्य, श्रृंगार एवं भक्ति रस द्वारा व्यक्त करके आप सभी के समक्ष प्रस्तुत करने का एक छोटा सा प्रयास किया गया है।

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Original price was: ₹229.Current price is: ₹199.

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Page Count

109

Book Type

Paperback

ISBN

978-93-6402-763-2

Mrp

229

Genre

Poetry

Language

Hindi

About the Book

इस पुस्तक में जीवन के विभिन्न पहलुओं के बारे में बताया गया है जो काव्य की विभिन्न शैलियों जैसे वीर, हास्य, श्रृंगार एवं भक्ति रस द्वारा व्यक्त करके आप सभी के समक्ष प्रस्तुत करने का एक छोटा सा प्रयास किया गया है। इस पुस्तक के माध्यम से काव्य के द्वारा समाज के प्रत्येक उम्र वर्ग के लोगों तक पहुँचने का प्रयास किया गया है। अतः सभी प्रबुद्ध पाठकों से विनम्र अनुरोध है कि कृपया एक बार इसमें दी गई रचनायें पढ़ें, मुझे पूर्ण विश्वास है की इसे पढ़ने के बाद आपका भरपूर प्रेम मुझे मिलेगा।

About the Author

नीरज पाण्डेय का जन्म 29 जनवरी सन् 1988 को बिहार राज्य के समस्तीपुर ज़िले के डढिया असधार नामक गाँव के एक किसान परिवार में हुआ था। जाति के भूमिहार ब्राह्मण इनके दादा जी अमीन का कार्य करते थे, पिताजी श्री उमेश पाण्डेय की नौकरी अहमदाबाद गुजरात में लगने के कारण परिवार सहित वे अहमदाबाद गुजरात आ गए तथा वहीं स्थायी हो गए। उनके परिवार में दो बड़ी बहनें इवन एक छोटे भाई हैं। प्रारंभिक शिक्षा के साथ साथ इंजीनियरिंग स्नातक की डिग्री अहमदाबाद से ही हांसिल की। यद्यपि इन्होंने पढ़ाई इंजीनियरिंग की की परंतु शुरुआत से ही इन्हें साहित्य क्षेत्र में गहरी रुचि थी। हिंदी के विषय में विशेषतः कविताओं का बहुत बड़ा शौक रहा है। बचपन से ही सभी कक्षाओं में प्रत्येक कविता उन्हें कंठस्थ याद रहती थी, चाहे वह कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान की झाँसी की रानी हो, या कवि श्रेष्ठ राम धारी सिंह दिनकर जी की रश्मि रथी के एक खंड से की गई कृष्ण की चेतावनी, इसके अलावा भी हर रस की कविताओं का शौक़ रहा है। पहले तो ये पाठक रहे फिर एक दिन सहसा विचार आया कि क्यों ना अपनी स्वयं की कविताएँ लिखी जाए, और फिर इन्होंने साल 2024 से लेखन क्षेत्र में भी हाथ आज़माने की शुरुआत कर दी। अभी तक इन्होंने 3 साँझा संकलन की पुस्तक प्रकाशित करवाई है और अब यह “रंग ज़िंदगी के” से इनकी एकल पुस्तक का प्रकाशन हो रहा है, आशा करते हैं की सभी पाठकों को यह पुस्तक पसंद आए।

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