Cart is empty

Ulka

Ulka

Author: Ritesh indraansh

Book Cost

Original price was: ₹249.Current price is: ₹199.

Short Description

इनका नाम रितेश इंद्राश है ये एक मध्यम वर्गीय ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखते है। इनका जन्म उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले में हुआ। इनकी बारहवीं तक की शिक्षा गांव से कुछ दूर तहसील अकबरपुर से हुआ। इन्होंने ज्योग्राफी विषय से एमए किया पहले के इलाहाबाद (आज के प्रयागराज से)। बचपन से आईपीएस बनने की चाह ने इन्हें यूपीएससी की तैयारी के लिए प्रेरित किया। चलते चलते सफर में लेखनी ने इनका हाथ पकड़ लिया और लिखने लगे। यह इनकी दूसरी काव्य संग्रह है पहली काव्य संग्रह 'मन का तिलस्म' है। ये शायरी, कविता, गजल, कहानियां, उपन्यास लिखते है।

Share this Book

WhatsApp
Facebook
Twitter

Original price was: ₹249.Current price is: ₹199.

Quality Products

7 Days Return Policy

Usually Ships in 2 Days

Apply Coupon at Checkout

Page Count

127

Book Type

Paperback

ISBN

978-93-6402-700-7

Mrp

249

Genre

Poetry

Language

Hindi

About the Book

इनका नाम रितेश इंद्राश है ये एक मध्यम वर्गीय ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखते है। इनका जन्म उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले में हुआ। इनकी बारहवीं तक की शिक्षा गांव से कुछ दूर तहसील अकबरपुर से हुआ। इन्होंने ज्योग्राफी विषय से एमए किया पहले के इलाहाबाद (आज के प्रयागराज से)। बचपन से आईपीएस बनने की चाह ने इन्हें यूपीएससी की तैयारी के लिए प्रेरित किया। चलते चलते सफर में लेखनी ने इनका हाथ पकड़ लिया और लिखने लगे। यह इनकी दूसरी काव्य संग्रह है पहली काव्य संग्रह ‘मन का तिलस्म’ है। ये शायरी, कविता, गजल, कहानियां, उपन्यास लिखते है। इनका मानना है कविता स्वच्छंद होनी चाहिए। ये अपनी कविताओं में समाज, राजनीति, प्रेम, संस्कृत, धर्म और प्रकृति जैसे विषयों को महत्व देते है। इस काव्य संग्रह में अपने अनुभव और हृदय से निकली भावनाओं को सजाने का प्रयास किए है। इनका मानना है पाठक ही लेखक का भगवान होता है। पाठकों से प्यार और सहयोग की आश रखते है।

About the Author

इनका नाम रितेश इंद्राश है ये एक मध्यम वर्गीय ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखते है। इनका जन्म उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले में हुआ। इनकी बारहवीं तक की शिक्षा गांव से कुछ दूर तहसील अकबरपुर से हुआ। इन्होंने ज्योग्राफी विषय से एमए किया पहले के इलाहाबाद (आज के प्रयागराज से)। बचपन से आईपीएस बनने की चाह ने इन्हें यूपीएससी की तैयारी के लिए प्रेरित किया। चलते चलते सफर में लेखनी ने इनका हाथ पकड़ लिया और लिखने लगे। यह इनकी दूसरी काव्य संग्रह है पहली काव्य संग्रह ‘मन का तिलस्म’ है। ये शायरी, कविता, गजल, कहानियां, उपन्यास लिखते है। इनका मानना है कविता स्वच्छंद होनी चाहिए। ये अपनी कविताओं में समाज, राजनीति, प्रेम, संस्कृत, धर्म और प्रकृति जैसे विषयों को महत्व देते है। इस काव्य संग्रह में अपने अनुभव और हृदय से निकली भावनाओं को सजाने का प्रयास किए है। इनका मानना है पाठक ही लेखक का भगवान होता है। पाठकों से प्यार और सहयोग की आश रखते है।

Recommended Books

Explore our bestselling catalog, featuring a wide array of novels, poetry, and more—each piece a journey through compelling stories and evocative words.

Shopping Basket