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Waqt: Jo Zindagi Ne Sikhaya

Waqt: Jo Zindagi Ne Sikhaya

Author : Sobia Rashid

Book Cost

Original price was: ₹229.Current price is: ₹209.

Short Description

“वक़्त – जो ज़िंदगी ने सिखाया” उन एहसासों का संग्रह है जो जीवन के सफ़र में धीरे-धीरे हमारे भीतर घर कर जाते हैं। यह पुस्तक प्रेम या दर्द की एक कहानी नहीं, बल्कि इंसान के भीतर होने वाले बदलावों, उसके संघर्षों, उसके सब्र और उसकी ख़ामोश जीतों की कहानी है।

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Original price was: ₹229.Current price is: ₹209.

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Page Count

101

Book Type

Paperback

ISBN

9789364020817

Mrp

229

Genre

Poetry

Language

Hindi

About the Book

कुछ सीखें किताबों से मिलती हैं, कुछ लोगों से, और कुछ सिर्फ़ वक़्त सिखाता है। “वक़्त – जो ज़िंदगी ने सिखाया” उन एहसासों का संग्रह है जो जीवन के सफ़र में धीरे-धीरे हमारे भीतर घर कर जाते हैं। यह पुस्तक प्रेम या दर्द की एक कहानी नहीं, बल्कि इंसान के भीतर होने वाले बदलावों, उसके संघर्षों, उसके सब्र और उसकी ख़ामोश जीतों की कहानी है। इन कविताओं में गुज़रते लम्हों की आहट है, अधूरे सवालों की गूँज है, बेहतर दिनों की उम्मीद है और उन घावों की गर्माहट भी, जिन्होंने हमें पहले से ज़्यादा मज़बूत बनाया। हर कविता एक ठहराव है—ख़ुद से मिलने का, बीते हुए को समझने का और आने वाले कल पर भरोसा करने का। यह किताब उन लोगों के लिए है जो कभी किसी मोड़ पर रुककर ज़िंदगी को समझना चाहते थे। उन लोगों के लिए जिन्होंने इंतज़ार किया, खोया, सीखा, बदले और फिर भी उम्मीद का दामन नहीं छोड़ा। क्योंकि वक़्त सिर्फ़ बीतता नहीं है। वह हमें हमारी सीमाओं से मिलवाता है, हमारी ताक़त दिखाता है, और एक दिन पीछे मुड़कर देखने पर एहसास दिलाता है कि हर मुश्किल दौर अपने साथ कोई न कोई सीख लेकर आया था। अगर आपकी ज़िंदगी ने भी आपको कभी चुप रहकर बहुत कुछ सिखाया है, तो शायद इन पन्नों में आपको अपनी ही परछाई दिखाई दे।

About the Author

लेखिका के बारे में सोबिया राशिद का जन्म 29 नवंबर को हुआ था। वह उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर से संबंध रखती हैं और पेशे से एक शिक्षिका हैं। उन्होंने MA (इंग्लिश), MA (पॉलिटिकल साइंस) और B.Ed किया है। वे साहित्य को केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि आत्म-चिंतन, उपचार और जीवन को समझने की एक यात्रा मानती हैं। उनकी लेखनी उन भावनाओं से जन्म लेती है जिन्हें अक्सर शब्द नहीं मिलते—वक़्त के साथ बदलते रिश्ते, जीवन की सीख, सब्र की ख़ामोशी, टूटकर संभलने का साहस और बेहतर दिनों की उम्मीद। उनकी कविताएँ पाठकों को अपने अनुभवों, संघर्षों और भीतर छिपी ताक़त से जोड़ने का प्रयास करती हैं। उनकी पहली काव्य पुस्तक “दिल और दास्तां – दिल की गहराईयों से लिखी कविताऐं” है| “वक़्त – जो ज़िंदगी ने सिखाया” उनका दूसरा कविता-संग्रह है। यह पुस्तक उन एहसासों, सवालों और सीखों का संकलन है जिन्हें वक़्त ने धीरे-धीरे जीवन का हिस्सा बना दिया। हर कविता जीवन के किसी न किसी मोड़, प्रतीक्षा, परिवर्तन या आत्म-बोध की कहानी कहती है। सोबिया का मानना है कि वक़्त केवल बीतता नहीं, वह हमें गढ़ता है। कभी सब्र सिखाकर, कभी खोकर, कभी मिलाकर और कभी ख़ुद से मिलवाकर। उनकी रचनाएँ इसी विश्वास का प्रतिबिंब हैं कि जीवन का हर अध्याय, चाहे कितना भी कठिन क्यों न हो, अपने साथ एक अर्थ और एक सीख लेकर आता है। “कभी-कभी ज़िंदगी हमें जवाब नहीं देती, बस वक़्त देती है। और वक़्त ही हमें जवाब तक पहुँचा देता है।”

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